उत्तराखण्ड की राजनीति में इन दिनों नई गतिविधियाँ देखने को मिल रही हैं। सत्तारूढ़ भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज कर दी है, जबकि कांग्रेस संगठनात्मक बदलावों के साथ जनसंपर्क अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की है, जिनमें चारधाम यात्रा के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना प्रमुख है। विपक्षी दलों ने सरकार पर भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। आम आदमी पार्टी भी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, खासकर शहरी क्षेत्रों में। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनाव में युवा मतदाता और पहाड़ी क्षेत्रों की भागीदारी निर्णायक भूमिका निभा सकती है। जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के साथ-साथ विकास के मुद्दे भी चुनावी एजेंडे में प्रमुख रहेंगे। Post navigation मौसम विभाग ने भारी बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी दी उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून परिसर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती