देहरादून: उत्तराखंड में समान काम के लिए समान वेतन और नियमितीकरण जैसी प्रमुख मांगों को लेकर आउटसोर्स कर्मचारियों का आंदोलन अब आर-पार की जंग में तब्दील हो चुका है। देहरादून का परेड ग्राउंड इस समय आंदोलन का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जहाँ प्रदेशभर से जुटे हजारों कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। मंगलवार को शुरू हुआ यह प्रदर्शन देर रात तक बेहद तनावपूर्ण और नाटकीय मोड़ पर पहुंच गया। दिनभर परेड ग्राउंड के बाहर चले शांतिपूर्ण धरने के बाद शाम करीब 7:30 बजे पुलिस ने बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें एकता विहार भेज दिया। लेकिन कर्मचारियों का हौसला यहाँ भी नहीं डिगा। एकता विहार पहुंचते ही कर्मचारियों ने उग्र नारेबाजी शुरू कर दी और देखते ही देखते एक विशाल पैदल रैली निकालकर घंटाघर की ओर कूच कर दिया। इस दौरान सड़क पर जमकर हंगामा हुआ। डालनवाला थाने के पास भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर रैली को रोकने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन आक्रोशित कर्मचारियों ने पुलिस की घेराबंदी को धता बता दिया। कर्मचारी रात के अंधेरे में पुलिस को चकमा देकर वापस सीधे परेड ग्राउंड पहुंच गए और देर रात दोबारा धरने पर बैठ गए।आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए बुधवार दोपहर मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में दलवीर दानू ने धरना स्थल का दौरा किया। उन्होंने आंदोलनकारी संघ के पदाधिकारियों से लंबी वार्ता की और उन्हें मनाने का प्रयास किया। हालांकि, कर्मचारियों ने दोटूक लहजे में कहा कि सरकार की ओर से खोखले वादे नहीं, बल्कि ठोस और लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही वे आंदोलन समाप्त करने पर विचार करेंगे। कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगें: समान कार्य-समान वेतन: नियमित कर्मचारियों की तरह ही समान जिम्मेदारियों के लिए समान मानदेय दिया जाए। नियमितीकरण: उपनल (UPNL) कर्मचारियों की तर्ज पर सुरक्षित भविष्य के लिए पक्की नीति बने। आउटसोर्सिंग व्यवस्था का अंत: विभागों में वर्षों से चल रहे अल्प मानदेय और मानसिक शोषण के इस सिस्टम को पूरी तरह खत्म किया जाए।शाम को एक बार फिर पुलिस प्रशासन ने कर्मचारियों को परेड ग्राउंड से खदेड़कर हिरासत में लिया और एकता विहार पहुंचाया, लेकिन जिद पर अड़े कर्मचारियों ने फिर वही पैंतरा अपनाया। एकता विहार से दोबारा पैदल रैली शुरू हुई और पुलिस के तमाम अवरोधों को पार करते हुए कर्मचारी फिर से परेड ग्राउंड के अपने मुख्य ठिकाने पर काबिज हो गए। देर रात तक राजधानी की सड़कों पर अपनी मांगों के समर्थन में कर्मचारियों की गगनभेदी नारेबाजी गूंजती रही और कर्मचारी ठंड के बावजूद जमीन पर डटे रहे। Post navigation जनजातीय समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धः सीएम बरसूण्ड देवता ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना से चालीस छोटे-बडे़ गांव होंगे लाभान्वितः महाराज