आज बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र के परिसर में विद्या की देवी मां सरस्वती की मूर्ति के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किया गया । इस उपलक्ष्य पर डॉ भावना डोभाल ने शिक्षार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बसंत पंचमी का यह पावन पर्व अनादि काल से हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से माँ सरस्वती की पूजा की जाती है। लोग अपने घरों, स्कूलों और कॉलेजों में देवी की मूर्तियों की स्थापना करते हैं और उनसे ज्ञान और बुद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं।इस त्योहार में पीले रंग का विशेष महत्व होता है। यह रंग वसंत के फूलों (जैसे सरसों के फूल) और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। लोग पीले रंग के वस्त्र पहनते हैं और पीले रंग के पकवान बनाते हैंयह त्योहार जीवन में ज्ञान और सकारात्मकता के महत्व को उजागर करता है और सर्दियों के अंत तथा सुहावने वसंत के आगमन की खुशी मनाता है।इस उपलक्ष्य पर डॉ सुभाष रमोला ,डॉ भावना धोनी ,डॉ सिद्धार्थ पोखरियाल सहायक अध्यापक निशा राणा ,तकनीकी विशेषज्ञ अरविन्द कोटियाल,बृजमोहन ,अभिषेक आदि उपस्थित रहे । शिक्षा

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