देहरादून: उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय (यू०ओ०यू०) के देहरादून परिसर में आज हिंदी दिवस के गौरवमयी अवसर पर “हिन्दीः पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमता (AI) तक” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नवीन चंद लोहनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।अपने मुख्य संबोधन में कुलपति प्रोफेसर नवीन चंद लोहनी ने बदलते परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, “आज के तकनीकी रूप से बदलते हुए युग में हिन्दी भाषा का विकास सतत रूप से होना चाहिए।” उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि हिंदी को वैश्विक और आधुनिक मंचों पर और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए इसके विकास में लगातार नए-नए अनुप्रयोगों (Applications) को शामिल किया जाना बेहद जरूरी है।कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित सहायक क्षेत्रीय निदेशक श्री गोविंद सिंह ने भी विषय पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. नरेंद्र कुमार जगुड़ी द्वारा किया गया।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. भावना डोभाल, श्री अरविंद कोटियाल, श्री बृज मोहन खाती, श्री चंद्र बल्लभ पोखरियाल, श्री अजय कुमार सिंह और श्री अभिषेक सहित समस्त कार्मिक व प्रतिभागी शामिल थे।यू०सी०एफ० सदन, अजबपुर कलॉ में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजभाषा हिन्दी के ऐतिहासिक महत्व से लेकर कृत्रिम बुद्धिमता (AI) तक इसकी पहुँच और समृद्धि को रेखांकित करना था। कार्यक्रम के अंत में परिसर कार्यालय के (प्र०) निदेशक डॉ सुभाष चंद रमोला द्वारा मुख्य अतिथि, विशिष्ट वक्ता और सभी उपस्थित सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। Post navigation हिमालय केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधारः सीएम पत्रकारों पर हमले लोकतंत्र के चैथे स्तंभ पर गंभीर प्रहारः जेयूयू