देहरादून, 23 अक्टूबर : उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय परिसर देहरादून में स्थापित आदर्श अध्ययन केंद्र,देहरादून पर शुक्रवार को नए प्रवेशित शिक्षार्थियों के मार्गदर्शन हेतु ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम (Induction Program) का गरिमामयी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवागंतुक शिक्षार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, परीक्षा पद्धति और सत्रीय कार्यों आदि से अवगत कराना था।कार्यक्रम के प्रथम सत्र का शुभारंभ सुबह 11:00 बजे दीप प्रज्ज्वलन और कुलगीत के साथ हुआ। विश्वविद्यालय के कुलगीत के पश्चात प्रभारी निदेशक डॉ सुभाष रमोला ने स्वागत भाषण देते हुए सभी विद्यार्थियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षार्थियों को विश्वविद्यालय के नए वातावरण में समायोजित करना जिससे वे अपने आप को सहज महसूस करें और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से परिचित हों । मंच संचालन के साथ प्रवेश एवं परामर्श की बारीकियों पर डॉ. नरेंद्र जगुड़ी ने प्रकाश डाला, जबकि डॉ. भावना डोभाल ने परीक्षा और सत्रीय कार्यों (Assignments) की महत्ता समझाई। सहायक क्षेत्रीय निदेशक श्री गोविंद सिंह रावत ने अध्ययन केंद्रों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा कीं। दूरस्थ शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को स्व-अध्ययन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के द्वितीय तकनीकी सत्र में प्रयोगात्मक तरीके से जानकारी देते हुए विशेषज्ञों ने विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की। श्री अरविन्द कोटियाल ने प्रवेश प्रक्रिया, श्री कुंदन सिंह ने परामर्श सत्रों (Counseling Sessions) की व्यवस्था, श्री अजय ने सत्रीय कार्य जमा करने के नियमों और श्री बृजमोहन सिंह खाती ने परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से शिक्षार्थियों को रूबरू कराया तथा शिक्षार्थियों के प्रश्नों का समाधान किया । इस अवसर पर बड़ी संख्या में नए शिक्षार्थी और विश्वविद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा। शिक्षार्थियों ने इस सत्र को अपने शैक्षिक भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। Post navigation आयुष मंत्री ने ली विभाग की समीक्षा बैठक नशामुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी