गैरसैंण। भराड़ीसैंण में सत्र शुरू होते ही सरकार को सदन के भीतर विपक्षी सवालों और बाहर विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस का घेराव, प्रधान संगठन और यूकेडी का प्रदर्शन तथा स्थानीय लोगों की नाराजगी ने सत्र का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। अब असली कसौटी यह होगी कि दो दिन की कार्यवाही में जनहित के मुद्दों पर कितनी ठोस चर्चा होती है और सरकार पहाड़ की अपेक्षाओं को लेकर क्या निर्णय सामने रखती है। सवाल केवल विधानसभा सत्र आयोजित करने का नहीं, बल्कि यह साबित करने का है कि भराड़ीसैंण में होने वाली कार्यवाही पहाड़ की जमीन पर कितना बदलाव ला पाती है।बता दें कि यह सत्र 27 और 28 अक्टूबर 2026 को दो दिन तक चलेगा। इस सत्र में सरकार द्वारा 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके प्रस्ताव को कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है। सत्र के पहले ही विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। क्षेत्र में करीब 1500 पुलिस और सुरक्षा जवान तैनात किए गए हैं। लोहे के गेट और कंटीले तारों की बैरिकेडिंग लगाई गई है। विपक्ष द्वारा 445 सवाल मंत्रियों से पूछने के लिए लिस्ट किए गए हैं। इसके साथ ही सदन में कई अध्यादेश भी पेश किए जाएंगे। विधानसभा सत्र के पहले दिन की कार्यवाही में छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट भी शामिल है। विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले सीएम और विधानसभा अध्यक्ष ने मुलाकात की। विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक हुई। Post navigation सीएम धामी ने 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया निर्दलीय विधायक उमेश विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने का एलान