ग्राम पंचायतें न्यायालय की अवधारणा की आधारशिला : डॉ. जगूड़ीपंचायती राज की उपलब्धियां विषय पर व्याख्यानएल्युमिनाई एसोसिएशन ने कराया गेस्ट लेक्चरदेहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय की ओर से एल्युमिनाई गेस्ट लेक्चर श्रृंखला के तहत शनिवार को पथरीबाग ऑडिटोरियम में अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पंचायती राज व्यवस्था की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे ग्रामीण प्रशासन और आधुनिक न्याय प्रणाली को बेहतर समझ सकें।“भारत में पंचायती राज की उपलब्धियां” विषय पर मुख्य वक्ता एवं विश्वविद्यालय के एल्युमिनाई डॉ. नरेंद्र जगूड़ी ने कहा कि न्यायालयों की अवधारणा की जड़ें ग्राम पंचायतों में निहित हैं। उन्होंने बताया कि पहले गांवों में विवादों का निपटारा स्थानीय पंचों द्वारा किया जाता था, जो आगे चलकर आधुनिक न्याय प्रणाली की आधारशिला बना।उन्होंने कहा कि पंचायती व्यवस्था आज भी प्रासंगिक है और ग्रामीण क्षेत्रों की अनेक समस्याओं का समाधान इसी के माध्यम से हो रहा है। साथ ही पंचायतों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा गांव, समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने की आवश्यकता पर बल दिया।इस अवसर पर संकाय की अधिष्ठाता प्रो. प्रीति तिवारी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सफलता पंचायती राज व्यवस्था पर आधारित है। जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. आशीष कुलश्रेष्ठ ने कहा कि विश्वविद्यालय में इस प्रकार की व्याख्यान श्रृंखलाएं आगे भी जारी रहेंगी।कार्यक्रम में प्रो. गीता रावत सहित अन्य प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। Post navigation वैश्विक तेल संकट 2026: बदलती भू-राजनीति और ऊर्जा संक्रमण के बीच फंसी दुनिया समानता, प्रतिनिधित्व और राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति वंदन अधिनियम की बहुत बड़ी भूमिका : डॉo भावना