उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के विशेष शिक्षा विभाग व क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून परिसर के संयुक्त तत्वाधान में आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में परिसर निदेशक डॉ सुभाष रमोला द्वारा अपने वक्तव्य में सुभाष चंद्र बोस द्वारा लोगों में जन चेतना जागरूक करने के लिए किए गए कार्यों के बारे में बताया। साथ ही उनके विचारों को आज भी प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए सहायक प्राध्यापिका डॉ भावना डोभाल द्वारा अपने वक्तव्य में कार्यक्रम में उपस्थित मंचासीन सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का स्वागत किया गया साथ ही आज के दिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाए जाने की जानकारी भी प्रदत्त की। मुख्य वक्ता के रूप में विशेष शिक्षा विभाग के सारे प्राध्यापक व पाठ्यक्रम संबंध में डॉ सिद्धार्थ पोखरियाल द्वारा अपना उद्बोधन में बताया गया कि स्वतंत्रता आंदोलन में सुभाष चंद्र बोस के योगदान का कोई सानी नहीं है स्वतंत्रता, समानता, राष्ट्रभक्ति के लिए उनके संघर्ष को भुलाया नहीं जा सकता। नेताजी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। नेताजी द्वारा दिया गया नारा तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा, वह आज भी देश के हर नागरिक व युवाओं के दिलों पर अंकित है। विशेष शिक्षा विभाग की सहायक प्राध्यापिका श्रीमती भावना धोनी ने अपने उद्बोधन में नेता जी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन में किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन विशेष शिक्षा विभाग की सहायक प्राध्यापिका सुश्री निशा राणा द्वारा किया गया इस अवसर पर परिसर कार्यालय से श्री बृजमोहन सिंह खाती श्री कुंदन सिंह श्री अजय कुमार श्री अरविंद कोटियाल श्री अभिषेक समेत विशेष शिक्षा विभाग के विद्यार्थी उपस्थित रहे। इससे पूर्व परिसर कार्यालय में वसंत पंचमी के उपलक्ष्य पर विशेष शिक्षा विभाग के प्राध्यापकों व परिसर कार्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों व छात्र छात्राओं द्वारा सरस्वती पूजन किया गया। Post navigation उत्तराखण्ड की राजनीति में हलचल: नए समीकरण और आगामी चुनाव की तैयारी बसंत पंचमी के उपलक्ष्य पर मां सरस्वती को पुष्पांजलि